उधम सिंह के पौत्र श्री जीत सिंह को एक लाख रूपये की फिर सहायता

इनसे मिलिए. ये हैं प्रोफ़ेसर राम प्रकाश जी. भारतीय संसद के उपरी सदन (राज्य सभा) के माननीय सदस्य. आज इन्होने मुझे अपने घर बुलाया और "आन्दोलन:एक पुस्तक से" की गहराई तक की जानकारी ली. दो घंटे के बातचीत के दौरान कई बार इन्होने अश्रुपूरित आँखों से शहीदों को नमन किया. यह शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के नाम पर राजस्थान में एक धर्मशाला बना रहे हैं और साथ ही अपने निजी कोष से उधम सिंह के पोते जीत सिंह जी को एक लाख रुपये सहायता राशि प्रदान करेंगे. जीत सिंह जी को हमने जल्लिंवाला बाग कांड के ९२ साल और उधम सिंह के शहीद होने के ७२ साल बाद १३ अप्रैल २१०० को अपने प्रयास (Forgotten Indian Heroes and Martyrs:Their Neglected Descendants-1857-1947) से एक नई जिन्दगी देने की कोशिश की और ११.५० लाख एकत्रित रुपये लोकमत समाचारपत्र के मालिक श्री विजय जनार्दन दरदा जी के हाथों समर्पित किया. श्री राम प्रकाश जी ३० जुलाई (इसी तारीख को उधम सिंह को फांसी लगी थी) को यह नेक कार्य संपन्न करेंगे.

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डॉ रामप्रकाश सहृदय व्यक्ति हैं, केरल के एर्नाकुलम के एक कार्यक्रम में इनसे भेंट हुई थी तथा फ़ोन पर भी चर्चा हूई थी।
हुजुर धन्यवाद. एक कोशिश कर रहा हूँ

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