Tuesday, August 2, 2011

मेरे जीवन का पहला सम्मान

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

मेरे जीवन का पहला सम्मान: आज कुरुक्षेत्र से करीब ४० किलोमीटर दूर कम्बोज समुदाई लोगो ने मुझे शहीद-इ-आज़म उधम सिंह के शाहदत दिवस पर विशेष रूप से आमंत्रित किया. उधम सिंह इसी समुदाई के थे. इस अवसर पर उपस्थित लोगों में बुजुर्गों की संक्या अधिक थी. उधम सिंह के नाम से एक भब्य धर्मशाला का निर्माण हुआ है. राज्य सभा के सांसद डॉ. राम प्रकाश जी का विशेष अनुरोध था. जीत सिंह, उधम सिंह के वंशज को भी में ले गया था. आज इस समुदाई के लोगों ने मुझे, मेरी पत्नी और पुत्र को अन्तह मन से आशीर्वाद दिया क्योंकि हम तीनो ने उधम सिंह के वंशज को ढूंढ़ कर और पाने पुस्तक के माध्यम से एक नई जिन्दगी पिछले १३ अप्रैल को दी थी. लोगों की तायदाद हजारों में थी. हमारे आन्दोलन:एक पुस्तक से को बहुत आगे तक ले जाने के लिए सबो ने अपनी प्रतिबध्हता दिखाई और कहा "कम्बोज समुदाई इस प्रयास में आपके साथ है, पैसे की कमी नहीं होगी इस आन्दोलन को."

No comments: